स्तोत्र रत्नावली गीता प्रेस — पृष्ठ 1–10

स्तोत्र रत्नावली गीता प्रेस · Gita Press, Gorakhpur · पृष्ठ 1–10

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॥ श्रीहरिः ॥ 52 स्तोत्ररत्नावली गीताप्रेस, गोरखपुर

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पृष्ठ 3

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॥ श्रीहरिः ॥ 052 स्तोत्ररत्नावली I गीताप्रेस, गोरखपुर

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प्रकाशक — गोविन्दभवन - कार्यालय, गीताप्रेस, गोरखपुर सं ० १ ९९ २ से २०५३ तक ७,७०,००० सं ० २०५४ चौवालीसवाँ संस्करण १५,००० सं ० २०५४ पैंतालीसवाँ संस्करण १५,००० योग ८.००,००० मूल्य - पन्द्रह रुपये मुद्रक - गीताप्रेस, गोरखपुर – २७३००५ फोन: ३३४७२१

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॥ श्रीहरिः ॥ निवेदन महाकवि कालिदासके ' स्तोत्रं कस्य न तुष्टये ' इस वचनके अनुसार विश्व में ऐसा कोई भी प्राणी नहीं है, जो स्तुतिसे प्रसन्न न हो जाता हो । राजनीतिके ग्रन्थोंमें कहा गया है कि ' साम ' या स्तुतिके द्वारा राक्षस आदि भयङ्कर सत्त्व भी वशीभूत हो जाते हैं । इसीलिये दण्ड, भेद, दान आदि नीतियोंमें ' साम ' या स्तुति प्रशंसाको ही सर्वश्रेष्ठ माना गया है । अतएव वेदोंसे लेकर इतिहास, पुराण एवं काव्योंतकमें सर्वत्र सूक्त एवं स्तोत्र भरे पड़े हैं, जिनका संग्रह एक महासमुद्रके समान होगा । प्रस्तुत ग्रन्थमें केवल गणेश, शिव, शक्ति, विष्णु, राम, कृष्ण एवं सूर्य आदि प्रमुख देवताओंके प्रसिद्ध स्तोत्रोंका संग्रह किया गया है । अन्तमें प्रकीर्ण स्तोत्रोंमें देवताओंके प्रातःस्मरण तथा कुछ ज्ञानप्रद आध्यात्मिक स्तोत्र भी दिये गये हैं । इस उनतीसवें संस्करणमें अकालमृत्यु - रोगादिसे रक्षा करनेवाला परम उपयोगी एवं अनुभूत मृत्युञ्जय - स्तोत्र भी संलग्न कर दिया गया है । इन स्तोत्रोंके द्वारा आराधना किये जानेपर सभी देवता प्रसन्न होकर उपासकका परम कल्याण करते हैं । आशा है, पाठक - पाठिकाएँ इससे लाभ उठानेका प्रयास करेंगे । - प्रकाशक

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॥ श्रीहरिः ॥ विषयानुक्रमणिका विनयस्तोत्राणि १. -मङ्गलम् २- -श्रीविष्णोरष्टाविंशतिनामस्तोत्रम् ३– षट्पदी ( स्वामिश्रीशङ्कराचार्यस्य ) ४- — श्रीहरिशरणाष्टकम् ( स्वामिश्रीब्रह्मानन्दस्य ) ५ – न्यासदशकम् ( श्रीवेङ्कटनाथस्य ) ६ – परमेश्वरस्तोत्रम् शिवस्तोत्राणि-७ — शिवमानसपूजा ( स्वामिश्रीशङ्कराचार्यस्य ) ८- - श्रीशिवापराधक्षमापनस्तोत्रम् ( " ) ९ - वेदसारशिवस्तवः ( " ) १०- -शिवाष्टकम् ( " ) ११ – श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ( " ) १२– द्वादशज्योतिर्लिङ्गानि १३ – द्वादशज्योतिर्लिङ्गस्तोत्रम् १४ – शिवताण्डवस्तोत्रम् ( श्रीरावणकृतम् ) १५ — श्रीरुद्राष्टकम् ( गोस्वामिश्रीतुलसीदासस्य ) १६ – श्रीपशुपत्यष्टकम् ( श्रीपृथ्वीपतिसूरेः ) १७ —– श्रीविश्वनाथाष्टकम् ( श्रीमहर्षिव्यासविरचितम् ) शक्तिस्तोत्राणि-१८ – ललितापञ्चकम् ( स्वामिश्रीशङ्कराचार्यस्य ) १ ९ – मीनाक्षीपञ्चरत्नम् ( " ) २० – देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम् ( " ) २१ – भवान्यष्टकम् २२ – आनन्दलहरी ( " ) पृष्ठ संख्या १ ४ ५ 590 ७ ९ १२ १३ १८ २२ २५ २७ २ ९ ३३ ३८ ४० ४३ ४६ ४८ ५० ५४ ५६

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( ६ ) २३ – श्रीभगवतीस्तोत्रम् ( श्रीमहर्षिव्यासविरचितम् ) २४ — महालक्ष्म्यष्टकम् ( इन्द्रकृतम् ) २५- - श्रीसरस्वतीस्तोत्रम् २६ – देव्या आरात्रिकम् विष्णुस्तोत्राणि-२७ – श्रीनारायणाष्टकम् ( श्रीकूरेशस्वामिनः ) २८ - श्रीकमलापत्यष्टकम् ( श्रीब्रह्मानन्दस्वामिनः ) २ ९ – श्रीदीनबन्ध्वष्टकम् ( ii ) ३० – परमेश्वरस्तुतिसारस्तोत्रम् ( श्रीब्रह्मानन्दस्य ) ३१ - श्रीभगवच्छरणस्तोत्रम् ( " ) ३२ – मङ्गलगीतम् ( श्रीजयदेवकवेः ) ३३- - श्रीदशावतारस्तोत्रम् ( » ) ३४- ध्रुवकृतभगवत्स्तुतिः ( भाग ० ४ । ९ । ६–१७ ) ३५- -श्रीलक्ष्मीनृसिंहस्तोत्रम् ( स्वामिश्रीशङ्कराचार्यस्य ) ३६ – प्रह्लादकृतनृसिंहस्तोत्रम् ( भाग ० ७ । ९ । ८–५५ ) रामस्तोत्राणि-३७- -श्रीरामरक्षास्तोत्रम् ( श्रीबुधकौशिकऋषेः ) ३८- - श्रीब्रह्मदेवकृता श्रीरामस्तुतिः ( श्रीअध्यात्म ० ६ । १३ । ३ ९ - जटायुकृतश्रीरामस्तोत्रम् ( " ३ । ८ । ४४–५६ ) ४०- -इन्द्रकृतश्रीरामस्तोत्रम् ( ” ६ । १३ । २४–३२ ) ४१ - – श्रीरामाष्टकम् ( श्रीब्रह्मानन्दस्वामिनः ) ४२ — श्रीसीतारामाष्टकम् ( श्रीअच्युतयतिकृतम् ) ४३– -श्रीरामचन्द्रस्तुतिः ( गोस्वामिश्रीतुलसीदासस्य ) ४४ — श्रीराममङ्गलाशासनम् ( श्रीवरवरमुनिस्वामिनः ) ४५- -श्रीरामप्रेमाष्टकम् ( श्रीयामुनाचार्यस्य ) ४६ — श्रीरामचन्द्राष्टकम् ( श्रीअमरदासकवेः ) पृष्ठ - संख्या ६४ ६५ ६७ ॥..... ७१ .. ७४ ७७ ७ ९ ८१ ८७ ९ ४ ९ ६ ९९ १०३ १०७ १२५ १०–१८ ) १३३ १३७ १४० १४३ १४५ १४८ १५० १५३ १५६

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) 61 ( श्रीकृष्णस्तोत्राणि -४७– - गोविन्दाष्टकम् ( श्रीब्रह्मानन्दस्वामिनः ) ४८-- —श्रीगोविन्दाष्टकम् ( स्वामिश्रीशङ्कराचार्यस्य ) -४ ९ – अच्युताष्टकम् ( " ) ५० — कृष्णाष्टकम् ( " ) ५१ – श्रीकृष्णाष्टकम् ) ″ 1 ( ५२ - भगवत्स्तुतिः ( श्रीमद्भागवते १ । ९ । ३२–४२ ) ५३ – गोविन्ददामोदरस्तोत्रम् ( श्रीबिल्वमङ्गलाचार्यस्य ) ५४— श्रीप्रपन्नगीतम् ( श्रीकृष्णलालद्विजस्य ) ५५ – श्रीकृष्णः शरणं मम ( " ) ५६ — गोपिकाविरहगीतम् ५७ — मधुराष्टकम् ( श्रीमहाप्रभुवल्लभाचार्यस्य ) ५८ - श्रीनन्दकुमाराष्टकम् ( " ) ५ ९ — चतुःश्लोकी ( श्रीविट्ठलेश्वरस्य ) विविधदेवस्तोत्राणि -६०- -श्रीगणपतिस्तोत्रम् ६१ – सङ्कटनाशनगणेशस्तोत्रम् ( श्रीनारदपुराणात् ) ६२ – सूर्याष्टकम् ( श्रीशिवप्रोक्तम् ) ६३ – श्रीसूर्यमण्डलाष्टकम् ( श्रीमदादित्यहृदयात् ) ६४ – वीरविंशतिकाख्यं श्रीहनुमत्स्तोत्रम् ( कविपतेः श्रीमदुमापतिशर्मद्विवेदिनः ) ६५ – गङ्गाष्टकम् ( श्रीमहर्षिवाल्मीकिविरचितम् ) ६६ — श्रीगङ्गाष्टकम् ( स्वामिश्रीशङ्कराचार्यस्य ) ६७- —– श्रीगङ्गास्तोत्रम् ( " ) 333 ६८— श्रीयमुनाष्टकम् ( » ) ६ ९ – यमुनाष्टकम् ( » ) पृष्ठ - संख्या १६० १६३ १६७ १७० १७३ १७७ १८१ १ ९ ५ १ ९ ७ १ ९ ८ २०० २०२ २०५ २०६ २११ २१२ २१४ २१७ २२४ २२७ २३१ २३४ २३६

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( ८ ) प्रकीर्णस्तोत्राणि -७० — प्रातःस्मरणम् – ( क ) ( ख ) ( ग ) ( घ ) ( ङ ) ( च ) ( छ ) ( ज ) परब्रह्मणः ( स्वामिश्रीशङ्कराचार्यस्य श्रीविष्णोः श्रीरामस्य श्रीशिवस्य श्रीदेव्याः श्रीगणेशस्य श्रीसूर्यस्य श्रीभगवद्भक्तानाम् ) ( " ) ( " ) ( » ) ( » ) ( » ) ( " ) ७१ – श्रीशिवरामाष्टकस्तोत्रम् ( श्रीरामानन्दस्वामिनः ) ७२ – कैवल्याष्टकम् ( कैवल्यशतकात् ) ७३ – साधनपञ्चकम् ( स्वामिश्रीशङ्कराचार्यस्य ) ७४- धन्याष्टकम् ७५ – कौपीनपञ्चकं स्तोत्रम् ७६- परापूजा ७७ — चर्पटपञ्जरिकास्तोत्रम् ७८ – द्वादशपञ्जरिकास्तोत्रम् ७ ९ – गौरीशाष्टकम् ( श्रीचिन्तामणेः ) ८० – सप्तश्लोकी गीता ( श्रीमद्भगवद्गीतायाः ) ८१ – चतुःश्लोकी भागवतम् ( श्रीमद्भागवते २ । ८२ - – श्रीमृत्युञ्जयस्तोत्रम् ( श्रीपद्मपुराणात् ) ( " ) ( " ) ( » ) ( " ) ९ । ३१–३७ ) पृष्ठ - संख्या २४० २४१ २४२ २४४ २४६ २४७ २४८ २४ ९ २५० २५३ ...... २५४ २५६ २६० २६१ २६३ २६७ २७० २७२ २७४ २७६