धर्म (Dharma) की परिभाषा

पूर्व मीमांसा सूत्र के रचयिता पूज्यपाद महर्षि जैमिनी का प्रथम सूत्र है “अथातो धर्मजिज्ञासा”। धर्म (dharma) का परिभाषा करते हुये उन्होने लेखा है कि “चोदनालक्षणोऽर्थो धर्मः” – जिसकी प्रेरणा से सबमें क्रिया होता है, वह पदार्थ धर्म है।

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