नोदन तथा अभिघात कर्म्म का प्रतिपादन
नोदन तथा अभिघात कर्म्म का प्रतिपादन– वासुदेव मिश्र “नोदनविशेषाभावान्नोर्ध्वं न तिर्यग्गमनम्। प्रयत्नविशेषान्नोदन विशेषः। नोदनविशेषादुदसनविशेषः।” यह कणादसूत्र के पञ्चमाध्याय प्रथमान्हिक के अष्टम, नवम तथा दशम सूत्र है। पञ्चमाध्याय में कर्म्म का प्रतिपादन कियागया है। यह 3 सूत्र नोदन विशेष से जात क्रिया के नियम है। नोदन (coupling) संयोग विशेष है। इन सूत्रों का अर्थ है – […]
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