On Yajna and Karma

According to Ishopanishad (ईशावास्योपनिषद -10), the Self (आत्मा) concept is different from both proper education (विद्या) and ignorance (अविद्या). This appears confusing, as proper education (विद्या) is a function of knowledge and knowledge is a function of Self (आत्मा). But the Vedas consider everything only at the universal level. Knowing is also an action (कर्म).

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पशु क्या है?

पशु क्या है – यह जानना चाहिए । पशु का अर्थ जानवर नहीं है । परन्तु जानवर पशु है । विश्वमें उक्थ, अर्क, अशीति तीन विभाग है । इन्हे आत्मा, प्राण और पशु भी कहते हैं । जो केन्द्रमें है, जिसके सत्तासे विश्वका अथवा किसी विश्वसन्तान का सत्ता है, उसे उक्थ कहते हैं । उक्थसे

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भारतीय दर्शन

भारत के 6 आस्तिक (वैदिक) दर्शन और 6 मुख्य नास्तिक (अवैदिक) दर्शन माना गया है। कुछ लोग 3 आस्तिक (वैदिक) दर्शन और 3 नास्तिक (अवैदिक) दर्शन मानते हैं। 6 आस्तिक (वैदिक) दर्शन हैं – सांख्य, पूर्वमीमांसा, उत्तरमीमांसा, न्याय, वैशेषिक, योग। सृष्टि का आध्यात्मिक विवेचना (अव्यय का निरूपण) करनेवाला शास्त्र सांख्य है। विभिन्न ब्राह्मणम् ग्रन्थोंमें पायेजानेवाला

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