पुराणों के दशलक्षण ।
श्रीमद्वासुदेव मिश्रशर्मा पुराणों के दशलक्षण । अत्र सर्गो विसर्गश्च स्थानं पोषणमूतयः । मन्वन्तरेशानुकथा निरोधो मुक्तिराश्रयः ॥ श्रीमद्भागवतम् द्वितीयस्कन्ध दशमोऽध्यायः में पुराणों के दशलक्षण नहीं, परन्तु श्रीमद्भागवत के विषयवस्तु का निर्द्देश हैं । यह है सर्ग, विसर्ग, स्थान, पोषण, ऊति (कर्मवासना से बन्धन), मन्वन्तर, ईशानुकथा, निरोध, मुक्ति, आश्रय । श्रीमद्भागवतपुराणम् द्वादशस्कन्धः सप्तमोऽध्य़ायः में पुराणों के दशलक्षण […]
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