Author name: Dwaipayan Pradhan

हमारी संस्कृति के घरोहर ।

हमारी संस्कृति के घरोहर । -श्रीमद्वासुदेव मिश्रशर्म्मा अनन्तं शास्त्रं बहुवेदितव्यं स्वल्पश्चकालो बहवश्च विघ्नाः ।यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥ सनातन संस्कृति में शास्त्रों की सङ्ख्या अनन्त कहागया है । परन्तु हमारा आयु सीमित है । अतः जैसे हंस पानी में से दुध छान कर पी जाता है, हमें भी शास्त्रों का सार जान लेना चाहिए । […]

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Modern science & Me

MODERN SCIENCE & ME.– Basudeba Mishra A scientific group wanted to know my views on science before admitting me. This was my reply. I am a believer of logic. I apply logic to everything. I do not accept or reject anything till I find a logical answer. I leave it open without any conclusion. I

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नोदन तथा अभिघात कर्म्म का प्रतिपादन

नोदन तथा अभिघात कर्म्म का प्रतिपादन– वासुदेव मिश्र “नोदनविशेषाभावान्नोर्ध्वं न तिर्यग्गमनम्। प्रयत्नविशेषान्नोदन विशेषः। नोदनविशेषादुदसनविशेषः।” यह कणादसूत्र के पञ्चमाध्याय प्रथमान्हिक के अष्टम, नवम तथा दशम सूत्र है। पञ्चमाध्याय में कर्म्म का प्रतिपादन कियागया है। यह 3 सूत्र नोदन विशेष से जात क्रिया के नियम है। नोदन (coupling) संयोग विशेष है। इन सूत्रों का अर्थ है –

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सृष्टिरहस्य

सृष्टिरहस्य।– श्रीमद्वासुदेव मिश्रशर्म्मा कस्मिन्नु भगवो विज्ञाते सर्वमिदं विज्ञातं भवतीति ॥ मुण्डकोपनिषत् १.१.३ ॥ कुछ शिष्यों ने शौनक महर्षि से प्रश्न किया – वह कौन सी ज्ञान है, (Grand Unified Theory or Theory of Everything) जिसको जानने से सब कुछ जाना जा सकेगा । ऋषि ने उत्तर दिया – द्वे विद्ये वेदितव्ये इति ह स्म यद्ब्रह्मविदो

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BRAIN WAVES AND AI – THE VEDIC VIEW

BRAIN WAVES AND AI – THE VEDIC VIEW.-Basudeba Mishra मनोबुद्धिरहङ्कारश्चितं करणमान्तरम् ।संशयो निश्चयो गर्वः स्मरणं विषया अमी । We have five external sense organs. There are four internal sense organs also. The first is mind (मन), which operates from the heart. Its function is to receive external impulses through the sense organs, mix them and

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