वेद में अवतार १
कुछ मित्रों का प्रश्न है कि क्या वेद में भी अवतार का वर्णन अथवा प्रतिषेध है । इस प्रसङ्गमें यजुर्वेद 34-53 (अजः एकपात्) तथा यजुर्वेद 40-8 (स पर्य्यगाच्छुक्रमकायम्) मन्त्रों का उद्धरण किया जाता है । अब हम इन दो उद्धरणों का अनुशीलन करेंगे । वेद पूर्ण एवं सर्वस्वतन्त्र होने से, उसमें इन समस्त अर्थों का […]