Essays of gurudeva

चित्रसूत्रम् – श्रीमद्वासुदेव मिश्रशर्म्मा

चित्रसूत्रम् अपां यो अग्रे प्रतिमा बभूव प्रभूः सर्वस्मै पृथिवीव देवी ।पिता वत्सानां पतिरध्न्यानां साहस्र पोषे अपि नः कृणोतु ॥ अथर्व वेदः 9-4-2 ॥ब्रह्मा से उपदिष्ट राजा नग्नजित् चित्र का आदिस्रष्टा है । नारायण ने उर्वशी का प्रथम चित्र बनाया था । प्रजापालक राजा के राज्य में एक ब्राह्मणकुमार का सर्पदंशन से अकालमृत्यु हो गया । […]

चित्रसूत्रम् – श्रीमद्वासुदेव मिश्रशर्म्मा Read More »

THE SCIENCE OF DEVOTION (भक्तिः)

THE SCIENCE OF DEVOTION (भक्तिः) – Shree Basudeba Mishra Sharma Devotion – BHAKTI (भक्तिः) is a commitment or dedication to some purpose. It is expressed as love, loyalty or enthusiasm for a person or activity. These traits arise out of our emotion, which is related to our mental faculty (चित्तवृत्ति) delimited by levels. The word

THE SCIENCE OF DEVOTION (भक्तिः) Read More »

॥ श्रीसरस्वती स्तोत्रम् । वाणीस्तवनं ॥

॥ श्री सरस्वती स्तोत्रम् । वाणीस्तवनं ॥ नारायण उवाच ।।वाग्देवतायाः स्तवनं श्रूयतां सर्वकामदम् ।।महामुनिर्याज्ञवल्क्यो येन तुष्टाव तां पुरा ।।१।।गुरुशापाच्च स मुनिर्हतविद्यो बभूव ह ।।तदाऽऽजगाम दुःखार्तो रविस्थानं च पुण्यदम् ।। २ ।।संप्राप्य तपसा सूर्य्यं कोणार्के दृष्टिगोचरे ।।तुष्टाव सूर्य्यं शोकेन रुरोद च पुनः पुनः ।। ३ ।।सूर्य्यस्तं पाठयामास वेदवेदाङ्गमीश्वरः ।।उवाच स्तुहि वाग्देवीं भक्त्या च स्मृतिहेतवे ।। ४

॥ श्रीसरस्वती स्तोत्रम् । वाणीस्तवनं ॥ Read More »

हमारी संस्कृति के घरोहर ।

हमारी संस्कृति के घरोहर । -श्रीमद्वासुदेव मिश्रशर्म्मा अनन्तं शास्त्रं बहुवेदितव्यं स्वल्पश्चकालो बहवश्च विघ्नाः ।यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥ सनातन संस्कृति में शास्त्रों की सङ्ख्या अनन्त कहागया है । परन्तु हमारा आयु सीमित है । अतः जैसे हंस पानी में से दुध छान कर पी जाता है, हमें भी शास्त्रों का सार जान लेना चाहिए ।

हमारी संस्कृति के घरोहर । Read More »

Modern science & Me

MODERN SCIENCE & ME.– Basudeba Mishra A scientific group wanted to know my views on science before admitting me. This was my reply. I am a believer of logic. I apply logic to everything. I do not accept or reject anything till I find a logical answer. I leave it open without any conclusion. I

Modern science & Me Read More »