Essays of gurudeva

ORIGIN OF WEST ASIAN LANGUAGES.

ORIGIN OF WEST ASIAN LANGUAGES. By Basudeba Mishra According to Taittiriya Brahmanm, वाचं देवा उपजीवन्ति विश्वे वाचं गन्धर्वाः पशवो मनुष्याः – meaning thereby, all life forms use languages for their survival. According to Maitrayani Samhita, वाग् हि वाजस्य प्रसवः । सा वै वाक् सृष्टा चतुर्था व्यभवत् एषु लोकेषु । त्रीणि तूरीयाणि पशुषु तुरीयम् – indicating […]

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गीता में कश्मलम् का अर्थ

Basudeba Mishra गीतामें कश्मलम् का अर्थ क्या है । कुतस्त्वा कश्मलमिदं विषमे समुपस्थितम्। अनार्यजुष्टमस्वर्ग्यमकीर्तिकरमर्जुन ।। गीता 2-2।। हे अर्जुन! इस विषम अवसर पर तुम्हे यह कश्मलम् कहाँ से प्राप्त हुई, जिसका श्रेष्ठपुरुष सेवन नहीं करते, जो स्वर्ग को देनेवाला नहीं है और कीर्त्तीकरने वाली भी नहीं है । शङ्कराचार्य ने कश्मलम् शब्द का अर्थ नहीं

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इन्द्र, पुरुष, श्री, शरीर और प्रजापति नामों की व्याख्या – शतपथब्राह्मणम् माध्यन्दिनशाखा

इन्द्र, पुरुष, श्री, शरीर और प्रजापति नामों की व्याख्या – शतपथब्राह्मणम् माध्यन्दिनशाखा—-६.१.१.[१]असद्वा इदमग्र आसीत् । तदाहुः किं तदसदासीदित्यृषयो वाव तेऽग्रेऽसदासीत्तदाहुः केतऽऋषय इति प्राणा वाऽऋषयस्ते यत्पुरास्मात्सर्वस्मादिदमिच्छन्तः श्रमेणतपसारिषंस्तस्मादृषयः। हिन्दी – पहले यह असत् ही था। तब पूछा वह असत् क्या था? पहले वह असत् ऋषि ही थे। तब पूछा कौन वह ऋषि थे? प्राण ही वह ऋषि

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