गोविन्द दामोदर स्तोत्र बिल्वमङ्गलाचार्य
Govind Damodar Stotra of Bilva Mangal - Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur · 36 पृष्ठ · 4 खण्ड
विषय सूची
- IIIII G 923 CC - 0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangotri फ II CC - 0. Mumukshu Bhawan Varanasi Collection. Digitized by eGangotri फ… 1–10
- 1 गोविन्द, दामोदर - स्तोत्र बुतकालय ५५ ( १५. ) जिनका मुखारविन्द बड़ा ही मनोहर है, समान अरुण अधरोंपर रखकर वंशीकी मधुर ध्वनि कदम्बके तले गौ, गोप और… 11–20
- गोविन्द - दामोदर - स्तोत्र हे रसोंको चखनेवाली जिहे! तुझे मीठी चीज बहुत अधिक प्यारी लगती है, इसलिये मैं तेरे हितकी एक बहुत ही सुन्दर और सच्ची बात बताता हूँ… 21–30
- गोविन्द - दामोदर - स्तोत्र ( ६५ ) जिन्होंने पृथ्वीका भार उतारनेके लिये सुन्दर ग्वालका रूप धारण किया है और आनन्दमयी लीला करनेके निमित्त ही शेषजीको अपना भाई… 31–36