Author name: Dwaipayan Pradhan

उपनिषद् (Upanishad)

ईशोपनिषद – काण्वशाखा, माध्यन्दिनशाखा केनोपनिषद – मूलमात्रम्, हिन्दी विज्ञानभाष्य (वेदवाचस्पति मोतीलाल शास्त्री) कठोपनिषद प्रश्नोपनिषद – मूलमात्रम्, हिन्दी विज्ञानभाष्य (वेदवाचस्पति मोतीलाल शास्त्री) मुण्डकोपनिषद माण्डुक्योपनिषद – मूलमात्रम्, हिन्दी विज्ञानभाष्य (वेदवाचस्पति मोतीलाल शास्त्री) गायत्रीरहस्योपनिषद् – हिन्दी भाष्य सहित (द्वैपायन प्रधान) Upanishad

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माण्डूक्य उपनिषद् विज्ञानभाष्य Mandukya Upanishad

माण्डूक्योपनिषद्विज्ञानभाष्य पं० मोतीलाल शास्त्री वेदवीथी पथिक ???? Mandukya Upanishad Vigyan Bhashya by Pandit Motilal Shastri प्रकाशक : राजस्थान पत्रिका लिमिटेड , केसरगढ़ , जवाहरलाल नेहरू मार्ग , जयपुर इस ग्रन्थ का मूल pdf संस्करण नीचे सुलभ है। बिना डाउनलोड किए भी pdf इसी साईट पर स्क्रॉल करके पढ़ सकते हैं। काले डब्बे के भीतर स्क्रॉल

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शिक्षाप्रणाली के पाठ्यक्रम में प्रस्तावित परिवर्तन । Basudeba Mishra

आधुनिक शिक्षाव्यवस्था द्विपद – केवल दो ही शाखा पर अवलम्वित है – कुछ सीमित तथ्यों को कण्ठस्थ करना तथा एक निर्दिष्ट समयपर उसका पुनरावृत्ति करना । इसमें शिक्षा का मूल उद्देश्य – विद्या को अर्थकरी करना – वाधित होता है ।

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पदार्थधर्मसंग्रहाख्यम् का विज्ञान

आधुनिक पदार्थविज्ञानमें ऐसा कोइ सिद्धांत नहीं जो पदार्थधर्मसंग्रह में नहीं है । पदार्थधर्मसंग्रह में जो सिद्धान्त हैं, वहाँ तक पहुँचने के लिये आधुनिक विज्ञानको कई शताब्दियाँ लगजायेंगे । जहाँ दोनोंमें भेद है, वहाँ पदार्थधर्मसंग्रह ही सटीक है – आधुनिक विज्ञान नहीं, यह किसीभी मञ्चपर प्रमाणित किया जा सकता है ।

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