Essays of gurudeva

प्राचीन ओडिशा के नौ शक्ति।

प्राचीन ओडिशा के नौ शक्ति। The 9 shaktis of ancient Odisha. -वासुदेव मिश्रशर्म्मा। वर्षाणां भारतं श्रेष्ठं देशानामुत्कलः स्मृतः।उत्कलेन समो देशो देशो नास्ति महीतले। कपिल पुराण 1-7।तस्मिन्नोड्रे सदा सन्ति कृष्णार्कपार्वतीहराः।एवमीशस्य क्षेत्रं तु सर्वपापप्रणाशनम्। तत्रैव 2-3। ख्रीष्टिय द्वितीय शताव्दि में टलेमी अपने ग्रन्थ में भारतीय भूगोल के चर्चा करते हुये ओडिशा के 14 प्राचीन बन्दरगाहों का नाम […]

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अद्वयतारकोपनिषत्

अद्वयतारकोपनिषत् Adwaya Tarakopanishad. Adwaya Taraka Upanishad. Adway Tarak. ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते ।पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥ वह (ईश्वर) पूर्ण है, यह (संसार) भी पूर्ण है। पूर्ण से पूर्ण उत्पन्न होता है। पूर्ण में से पूर्ण को ले लेने पर भी पूर्ण ही शेष रहता है।ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः । ॐ शांति शांति शांति। (व्याख्येयो

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नारदभक्तिसूत्रम्

Narada Bhakti Sootram अथातो भक्तिं व्याख्यास्यामः ॥१॥ अब, इसके पश्चात् हम भक्ति का विस्तृत विवेचन करेंगे। सा त्वस्मिन परमप्रेमरूपा ॥२॥ वह (भक्ति) ईश्वर में परम प्रेम का स्वरूप है। अमृतस्वरूपा च ॥३॥ और वह अमरता का स्वरूप है। यल्लब्ध्वा पुमान्सिद्धो भवत्यमृतो भवति तृप्तो भवति ॥४॥ जिस (भक्ति) को प्राप्त करके मनुष्य सिद्ध हो जाता है,

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Vyasa Sewaka
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