Essays of gurudeva

अन्नसम्बन्ध (स्वधा, स्वाहा, वौषट्, स्वगा, नमः)का सार्वभौम परिभाषा।CORRELATING MICRO & MACROFUNDAMENTAL INTERACTIONS – 1

श्रीवासुदेव मिश्रशर्म्मा (Shri Basudeba Mishra) अन्नसम्बन्ध (स्वधा, स्वाहा, वौषट्, स्वगा, नमः)का सार्वभौम परिभाषा।CORRELATING MICRO & MACROFUNDAMENTAL INTERACTIONS. आश्ळिष्टा रभसाद्विलीयत इवाक्रान्ताप्यनङ्गेन यायस्याः कृत्रिमचण्डवस्तुकरणाकूतेषु खिन्नं मनः ।कोऽयं काहमिति प्रवृत्तसुरता जानाति यो नान्तरम्रन्तुः सा रमणी स एव रमणः शेषौ तु जायापती ।।अमरुशतकम् ।। शृङ्गार के समय जो प्रिया प्रेमोत्साह से (र॒भँ॒ राभ॑स्ये + असच् = प्रेमोत्साहः, बेगः) आलिङ्गन […]

अन्नसम्बन्ध (स्वधा, स्वाहा, वौषट्, स्वगा, नमः)का सार्वभौम परिभाषा।CORRELATING MICRO & MACROFUNDAMENTAL INTERACTIONS – 1 Read More »

श्री सनातन धर्मालोक Shree Sanatana Dharmaloka

श्रीसनातनधर्मालोक – सनातन धर्म का विश्वकोष एवं महाभारत लेखक – पण्डित दीनानाथ शर्मा शास्त्री सारस्वत, विद्यावागीश, विद्याभूषण, विद्यानिधि श्रीसनातनधर्मालोक ११ भागों में पण्डित दीनानाथ शर्मा शास्त्री सारस्वत जी द्वारा रचित सनातन हिन्दू जीवन पर एक विस्तृत विश्वकोष है। इसमें हिन्दुओं की मान्यताओं, वेद, पुराण, महाभारत आदि ग्रन्थों पर और नास्तिकों के तमाम आक्षेपों का निराकरण

श्री सनातन धर्मालोक Shree Sanatana Dharmaloka Read More »

प्रत्यक्चैतन्य – वासुदेव मिश्रशर्म्मा

प्रत्यक्चैतन्य – MECHANISM OF CONSCIOUSNESS. वासुदेव मिश्रशर्म्मा चेतनतत्त्व (consciousness) क्या है ? सेन्द्रियं चेतन द्रव्यं निरिन्द्रियम् अचेतनम् – जिसमें इन्द्रिय है, वह चेतन है । जिसमें इन्द्रिय नहीं है, वह अचेतन है । चेतना एवं जीवन एकार्थक नहीं है । प्राणधारणं जीवनम् – शक्ति का एक उत्स किसी शरीर में बद्ध रहकर बाहर के शक्तियों

प्रत्यक्चैतन्य – वासुदेव मिश्रशर्म्मा Read More »

शिक्षा – वासुदेव मिश्रशर्म्मा

शिक्षा । वासुदेव मिश्रशर्म्मा अध्ययन (अधि+इङ्) का ग्रहण, धारण तथा ब्रह्मयज्ञ के भेद से तीन विभाग किया गया है । गुरुमुख से उच्चारित शब्द का ग्रहण (कण्ठस्थ करना) और स्मृति में उसका धारण (याद रखना) करने के पश्चात उसका पारायण (मनन करना) को ब्रह्मयज्ञ कहते हैँ । वेदाङ्गों में उच्चारणपद्धति का ज्ञान सम्बन्धी उपदेश को

शिक्षा – वासुदेव मिश्रशर्म्मा Read More »