श्रीगणेशाय नमः।

श्रीमद्भगवद्गीता शाङ्करभाष्य हिन्दी अनुवादसहित — पृष्ठ 511–512

श्रीमद्भगवद्गीता शाङ्करभाष्य हिन्दी अनुवादसहित · Gita Press, Gorakhpur · पृष्ठ 511–512

पृष्ठ 511

श्रीमद्भगवद्गीता शाङ्करभाष्य हिन्दी अनुवादसहित, पृष्ठ 511 का मूल पृष्ठ
पूरे पर्दे पर देखने के लिये चित्र दबाएँ
पाठ पढ़ें पाठ छिपाएँ

आरती

जय भगवद्गीते जय भगवद्गीते ।

हरि - हिय - कमल - विहारिणि सुन्दर सुपुनीते ॥ जय ० ॥

कर्म - सुमर्म - प्रकाशिनि कामासक्तिहरा ।

तत्त्वज्ञान - विकाशिनि विद्या ब्रह्म परा ॥ जय ० ॥

निश्चल - भक्ति - विधायिनि निर्मल मलहारी ।

शरण - रहस्य - प्रदायिनि सब बिधि सुखकारी ॥ जय ० ॥

राग - द्वेष- विदारिणि कारिण मोद सदा ।

भव - भय - हारिणि तारिण परमानन्दप्रदा ॥ जय ० ॥

आसुर - भाव - विनाशिनि नाशिनि तम - रजनी ।

दैवी सद्गुणदायिनि हरि - रसिका सजनी ॥ जय ० ॥

समता, त्याग सिखावनि हरि - मुख की बानी ।

सकल शास्त्रकी स्वामिनि श्रुतियोंकी रानी ॥ जय ० ॥

दया - सुधा बरसावनि मातु! कृपा कीजै ।

हरि - पद - प्रेम दान कर अपनो कर लीजै ॥ जय ० ॥

पृष्ठ 512

श्रीमद्भगवद्गीता शाङ्करभाष्य हिन्दी अनुवादसहित, पृष्ठ 512 का मूल पृष्ठ
पूरे पर्दे पर देखने के लिये चित्र दबाएँ
पाठ पढ़ें पाठ छिपाएँ

गीताप्रेस, गोरखपुरसे प्रकाशित गीताकी विभिन्न टीकाएँ एवं संस्करण कोड | श्रीमद्भगवद्गीता तत्त्वविवेचनी - ( टीकाकार— श्रीजयदयालजी गोयन्दका ) गीताविषयक २५१५ प्रश्न और उनके उत्तररूपमें विवेचनात्मक हिंदी - टीका-1 गीता - तत्त्वविवेचनी, बृहदाकार - मोटे टाइपमें, सचित्र, सजिल्द । 2 गीता - तत्त्वविवेचनी, बृहदाकार - ग्रन्थाकार, विशिष्ट संस्करण, सचित्र, सजिल्द - मराठी, गुजराती, बँगला, ओड़िआ, तमिल दो खण्डोंमें, कन्नड़ दो खण्डोंमें एवं अंग्रेजी पुस्तकाकार दो खण्डोंमें उपलब्ध । 3 गीता - तत्त्वविवेचनी, ग्रन्थाकार - साधारण संस्करण, सचित्र सजिल्द | गीता - साधक - संजीवनी - ( टीकाकार – स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज ) गीताके मर्मको उद्घाटित करनेवाली एवं तत्त्वज्ञान प्रदान करनेवाली व्याख्यात्मक शैलीमें सुबोध हिन्दी - टीका-5 गीता - साधक - संजीवनी, बृहदाकार — परिशिष्टसहित, मोटे टाइपमें सचित्र, सजिल्द । 6 | गीता - साधक - संजीवनी, ग्रन्थाकार – परिशिष्टसहित, सचित्र, सजिल्द, मराठी, गुजराती, बँगला, ओड़िआ, तमिल दो खण्डोंमें कन्नड़ दो खण्डोंमें एवं अंग्रेजी, पुस्तकाकार दो खण्डोंमें उपलब्ध । 8 गीता दर्पण, ग्रन्थाकार ( टीकाकार - स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजके द्वारा ) – गीताके तत्त्वोंपर प्रकाश, गीता - व्याख्या एवं छन्द - सम्बन्धी गूढ़ विवेचन, सचित्र सजिल्द । मराठी, बँगला, गुजराती एवं ओड़िआमें भी उपलब्ध । 1562 | गीता - प्रबोधनी, पुस्तकाकार - स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजकृत गीताकी संक्षिप्त टीका, गीताके श्लोकार्थ एवं कुछ श्लोकोंकी संक्षिप्त व्याख्या । मराठी, बँगला, ओड़िआ, पंजाबी एवं पॉकेट साइज वि ० सं ० हिन्दीमें उपलब्ध । 784 | ज्ञानेश्वरी - गूढ़ार्थ - दीपिका, ग्रन्थाकार, मराठी - संत ज्ञानेश्वरके द्वारा प्रणीत गीता - टीकाकी गुलाबरावकृत विशद व्याख्या । ज्ञानेश्वरी मूल, मझला एवं ज्ञानेश्वरी मूल, गुटका आकारमें भी उपलब्ध । 10 गीता - शांकरभाष्य, पुस्तकाकार – गीताके मूल श्लोक, शांकरभाष्य, हिन्दी - अनुवाद, टिप्पणी तथा अन्तमें श्लोकोंके आकारादि क्रमकी सूचीसहित । 501 गीता - रामानुजभाष्य, पुस्तकाकार – गीताके मूल श्लोक, रामानुजभाष्य हिन्दी - अनुवादसहित । गीता - माधुर्य, पुस्तकाकार - स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजके द्वारा प्रश्नोत्तर शैलीमें गीताका सरल विवेचन । तमिल, मराठी, गुजराती, उर्दू, तेलुगु, बँगला, असमिया, कन्नड़, ओड़िआ, अंग्रेजी एवं संस्कृतमें भी उपलब्ध । 11 गीता - चिन्तन, पुस्तकाकार – भाईजी श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दारके गीताविषयके लेखों एवं पत्रोंका संग्रह । 17 गीता, पुस्तकाकार— मूल, पदच्छेद, अन्वय, भाषा-टीका, टिप्पणी प्रधान विषय | गुजराती, बँगला, मराठी, कन्नड़ तेलुगु एवं तमिलमें भी उपलब्ध । 16 गीता, पुस्तकाकार — प्रत्येक अध्यायके माहात्म्यसहित, सचित्र, सजिल्द, मोटे अक्षरोंमें । मराठीमें भी उपलब्ध । 1555 | गीता - माहात्म्य ( वि ० सं ० ), पुस्तकाकार — पद्मपुराणसे उद्धृत गीता - पाठके माहात्म्यकी चमत्कारिक कथाएँ । 19 गीता - केवल भाषा, पुस्तकाकार - संस्कृत भाषासे अनभिज्ञ पाठकोंके लिये । तेलुगु और तमिल में भी । 18 गीता - भाषा - टीका, पुस्तकाकार - — मूल, टिप्पणी प्रधान विषय, मोटा टाइप । ओड़िआ, गुजराती और मराठीमें भी । 502 | गीता - भाषा - टीका, पुस्तकाकार - मूल, टिप्पणी प्रधान विषय, मोटा टाइप, सजिल्द । तेलुगु, ओड़िआ, गुजराती, कन्नड़, तमिलमें भी । 20 गीता - -भाषा टीका, पॉकेट साइज – अंग्रेजी, मराठी, बँगला, असमिया, ओड़िआ, गुजराती, कन्नड़ तथा तेलगु में भी । 1566 | गीता - भाषा टीका, पॉकेट साइज - सजिल्द, यात्रादिमें साथ रखनेयोग्य । गुजराती, बँगला, अंग्रेजीमें भी । 21 | श्रीपञ्चरत्नगीता, पुस्तकाकार - गीता, विष्णुसहस्रनाम, भीष्मस्तवराज, अनुस्मृति एवं गजेन्द्रमोक्ष, मोटे अक्षरोंमें । ओड़िआमें भी उपलब्ध । 1628 गीता - नित्यस्तुति एवं गजलगीतासहित, पॉकेट साइज । 22 गीता - मूल, पुस्तकाकार — मोटे अक्षरोंमें । तेलुगु एवं गुजराती में भी उपलब्ध । 23 गीता - मूल, विष्णुसहस्त्रनामसहित पॉकेट साइज - -यात्रादिमें साथ रखनेयोग्य । कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु एवं ओड़िआ भी । 1556 | गीता - श्लोकार्थसहित, लघु आकार -यात्रादिमें साथ रखनेयोग्य । 1602 | गीता - सजिल्द, वि ० सं ०, लघु आकार — नित्यपाठके लिये उपयोगी । 700 गीता - मूल, लघु आकार - यात्रादिमें साथ रखनेयोग्य । ओड़िआ, बँगला, तेलुगुमें भी । 1392 । गीता- ताबीजी - सजिल्द - माचिस आकारमें सम्पूर्ण गीता । गुजराती, बँगला, तेलुगु, ओड़िआमें भी । 566 गीता - ताबीजी - एक पन्ने सम्पूर्ण गीता । 464 | गीता - ज्ञान - प्रवेशिका - पुस्तकाकार - गीता शिक्षार्थियोंके लिये उपयोगी । 1431 गीता - दैनन्दिनी - वि ० सं ०, पुस्तकाकार — बँगला, तेलुगु, ओड़िआमें तथा रोमन पुस्तकाकार एवं पॉकेट साइजमें भी उपलब्ध ।