Author name: Dwaipayan Pradhan

The Science of Yoga – 1

Literally Yoga (योग) means coupling. Obviously the question arises, who couples whom with what? This has been variously interpreted leading to different meanings for Yoga. For example, Gita defines Yoga as Excellence in Execution – KARMASU KAUSHALAM (कर्मसु कौशलम्).

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धर्म (Dharma) की परिभाषा

पूर्व मीमांसा सूत्र के रचयिता पूज्यपाद महर्षि जैमिनी का प्रथम सूत्र है “अथातो धर्मजिज्ञासा”। धर्म (dharma) का परिभाषा करते हुये उन्होने लेखा है कि “चोदनालक्षणोऽर्थो धर्मः” – जिसकी प्रेरणा से सबमें क्रिया होता है, वह पदार्थ धर्म है।

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ऋतम्भरा प्रज्ञा का स्वरूप।

ऋतम्भरा तत्र प्रज्ञा।
ऋतम्भरा – ऋतं बिभर्ति, धारयति इति।
प्रज्ञा – या प्रकर्षेण जानाति। बुद्धिः।
तस्यां स्थितौ यदा योगी निर्विचारवैशारद्ये अध्यात्मप्रसादः प्राप्नोति तदा या प्रज्ञा जायते, यस्यां ऋतं सत्यं एव अस्ति, या ऋतं बिभर्ति, तस्याः प्रज्ञायाः नाम ऋतम्भरा प्रज्ञा इति।
आगमेनानुमानेन ध्यानाभ्यासरसेन च। त्रिधा प्रकल्पयन् प्रज्ञां लभते योगमुत्तमम्।

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Personal integrity vs Public Morality

जारी है अगर बुलबुल-ए-नादाँ का कुसुर ।है खन्द-ए-वजाँ गुल-ए-खन्दाँ का कुसुर ।क्युँ मेरी निगाहोँ पर है सारा इलजाम?कुछ भी नहिँ हुस्न-ए-आम उरिया की कुसुर? अगर फुलोँके चारोँ और चहचहाति बुलबुलको दोष देते हो, तो मैं कहता हुँ कि उस थोडीसि दिखाती-थोडीसि छिपाती अधखिली कलि का भी दोष है। सारा इलजाम मेरे ही नजर पर क्योँ

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