Author name: Dwaipayan Pradhan

सौन्दर्य क्या है।

– Basudeba Mishra सुन्दरता का भाव को सौन्दर्य कहते हैं। कथित है कि – रूपयौवनसम्पन्ना सुन्दरीत्यभिधीयते। रूप ऒर यौवन सम्पन्न स्त्री को सुन्दरी कहते हैं। रूप क्या है। चक्षुर्ग्राह्यं भवेद्रूपम्। द्रव्यों का उपलम्भक चक्षुग्राह्य स्पन्दन को रूप कहते हैं। कहते हैं कि – अङ्गान्याभूषितान्येव वलयादि विभूषणैः (केनचिद्भूषणादिना)। येन भूषितवत् भाति तद्रूपमिति कथ्यते। किसी नारी को […]

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अक्षरों का वर्गीकरण, उच्चारणप्रक्रिया तथा संख्या

– Basudeba Mishra, Topic – Varnamala पाणिनीय शिक्षा में कहा गया है – त्रिषष्टिश्चतुःषष्टिर्वा वर्णाः सम्भवतो मताः । प्राकृते संस्कृते चापि स्वयंप्रोक्ताः स्वयंभुवा । आकाशसम्भूत वर्णों में अथवा ब्रह्माजी के मत में प्राकृत तथा संस्कृत के वर्ण संख्या 63 अथवा 64 कहागया है । इनमें स्वरवर्ण 22 है । स्पर्शवर्ण 25 है । अन्तस्थ वर्ण

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IS 2⁰ = 1? THE VEDIC VIEW

By Basudeba Mishra Number (सङ्ख्या) is a property of everything that exists, by which we differentiate between similars (भेदाभेद विभागो हि लोके सङ्ख्या निबन्धन). It is not the same as the object (mass – गुरुत्व or form – रूप) or the effect of energy (action), and is different from all other properties (अन्वयव्यतिरेकाभ्यां सङ्ख्याभ्युपगमे सति).

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