शरीर तथा व्यक्तित्व की परिभाषा
शरीर तथा व्यक्तित्व की परिभाषा । – Basudeba Mishra संहतिसारानूकस्नेहोन्मानप्रमाणमानानि ।क्षेत्राणि प्रकृतिस्थो मिश्रमेतदपि शारीरम् ।।समुद्रकृत शास्त्रके व्यक्तित्वनिरुपणाधिकारः में संहति, सार, अनूक, स्नेह, उन्मान, प्रमाण, तथा मान – इनका संघात ही शरीर का परिभाषा है । एक यन्त्रवत्, मांस, स्नायु, एवं हड्डियोंके सन्धि, बन्ध, एवं पारष्परिक अविरुद्ध तथा निविड मिलन को संहनन, संघात अथवा संहति कहते […]
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