श्रीगणेशाय नमः।

व्याख्या · ग्रन्थ

पातञ्जल योगदर्शन — व्यासभाष्य और ओमानन्द तीर्थकी व्याख्या सहित

चारों पाद: सूत्र, उसका अर्थ, व्यासभाष्य, भाष्यका हिन्दी अनुवाद और स्वामी ओमानन्द तीर्थकी व्याख्या।

पृष्ठ
4
मूल
195
  1. समाधिपाद 51 मूल
  2. साधनपाद 55 मूल
  3. विभूतिपाद 55 मूल
  4. कैवल्यपाद 34 मूल