श्रीगणेशाय नमः।
शिव स्वरोदय - हिन्दी भाष्य सहित
Shiva Svarodaya with Hindi Translation 1899 · Khemraj Shri Krishna Das · 112 पृष्ठ · 12 खण्ड
In English
Shiva Svarodaya
This book is a dialogue between the deities Shiva and Parvati regarding the science of breath and its connection to the universe. It contains instructions on breathing patterns, nadis (energy channels), and their effects on various activities. This edition includes a Hindi translation and was printed in Mumbai by Khemraj Shri Krishna Das.
This book answers
- What is the significance of ida pingala and सुषुम्ना nadis?
- How do breathing patterns affect success in travel or war?
- What are the effects of different breaths on health and daily tasks?
- How can one use breath knowledge for spiritual progress?
- What is the relationship between the five elements and the breath?
विषय सूची
- शिवस्वरोदय । G पाटीका । श्रीः । श्रीशिवस्वरोदय । महामहोपाध्यायधर्मशास्त्राग्रगण्य श्रीयुत पण्डित मिहिरचन्द्रकृतभाषानुवादसमेत. श्रीशिवजी और पार्वतीजीका… 1–10
- श्रीः । शिवस्वरोदयः । भाषाटीकासमेतः । महेश्वरं नमस्कृत्यशैलजांगणनायकम् । गुरुं च परमात्मानं भजे संसारतारणम् । १… 11–20
- ( ) भाषाटीकासमेत । ११ व्यानोव्यापीशरीरेषु प्रधानादशवायवः । ४४ । अर्थ-समान नाभिदेशमें कंठके मध्यमें उदान और सब शरीरमें व्यापी व्यान वायु होताहै ये दश वायु… 21–30
- ( ) भाषाटीकासमेत । २१ स्वर और सायंकालको सूर्यका स्वर चलै तो उस दिन जय और लाभ कहाहै और विपरीत चलें तो वजेदे अर्थात् अनिष्ट फल होताहै । ८६… 31–40
- ( ) भाषाटीकासमेत । ३१ भागमें पवन चले तो उसको विषम कहै और हे पार्वति •उसका विपरीत फल जानना । १२७ । उभयोरेवसंचारंविषवंतंविदुर्बुधाः… 41–50
- ( ) भाषाटीकासमेत । ४१ गुणोंको वह उस स्वरको आकाशका जाने और वही स्वर योगियोंको योगका दाता होताहै । १६८ । पीतवर्ण चतुष्कोणंमधुरं मध्यमाश्रितम्… 51–60
- ( ) भाषाटीकासमेत । ५१ अर्थ- ( लं ) यह बीज पृथ्वी तत्वमें चतुरस्र ( चकोर ) सुवर्ण के समान प्रकाशमान पीतवर्ण -सुगंध ध्यान करना -और ध्यानका करनेवाला कांति व… 61–70
- ( ) भाषाटीकासमेत । ६१ अर्थ-जिस मनुष्यके श्वासके प्रवेश समयमें दूत अपने मुखसे वांछित बातको कहै तो हे सुंदरी गमन करते ही उस मनुष्यका अर्थ सिद्ध होताहै… 71–80
- ( ) भाषाटीकासमेत । ७१ अर्थ-इस विधिसे कामी पुरुष सब कामिनीयोंको नशमें करताहै परंतु मेरी यह सच्ची आज्ञाहै कि यह वशी करण किसी अन्य पुरुषको अर्थात् लंपटकोनकहै… 81–90
- ( ) भाषाटीकासमेत । ८१ पिंगलायांस्थितोजीवावामेदूतस्तुपृच्छति । तदाऽपिम्रियतेरोगीयदित्रातामहेश्वरः । ३२४… 91–100
- ( ) भाषाटीकासमेत । ९ १ अर्थ-यदि वामभुजा न दीखै तो भार्या नष्ट होगी इसमें संशय नहीं दक्षिण भुजा नदीखै तो बंधुओंका नाश होगा और एक मासमें अपनी मृत्यु होगी… 101–110
- L 111–112